Thursday, January 13, 2011

जागो हनुमान -- आन्दोलन का प्रचार भाषण सभी तक पहुंचाएं


ये 12 मिनट का भाषण भारत में इतना लोकप्रिय हो गया है के लोग इसको डाउनलोड कर के अपने मोबाइल में डाल कर दूसरों तक ब्लूटूथ से पहुंचा कर प्रचार कर रहे है



दोस्तों कृपया ध्यान दे ,
नमस्कार दोस्तों , आज में आपको एक कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसका शीर्षक है "जागो हनुमान " . आशा है आपको पसंद आयगी

हजारों साल पहले अफ्रीका के जंगलों में डायनासोर से भी बड़ा एक जानवर पाया जाता था . वो इतना ताकतवर जानवर था की उससे जंगल के सभी जानवर डरते थे . लेकिन उस जानवर के साथ एक समस्या थी की जब उसके शरीर के किसी अंग पर चोट लगती थी तो उसे चार पांच घंटे बाद पता चलता था और दर्द होता था जो वो सोया रहता था तो कुत्ते उसे नोच नोच कर खाने लगते थे ,और चार पांच घंटे बाद जब उसे पता चलता था तो उसे बड़ा दर्द होता था .और वो तड़प तड़प कर मर जाता था . इसी संवेदनहीनता के कारण उस जानवर की पूरी प्रजाति खतम हो गयी . और आज देश के प्रति संवेदनहीनता के कारण हमारा देश फिर से गुलाम होने जा रहा है . इसका कारण ये है दोस्तों के आज से 250 साल पहले एक इस्ट इंडिया नाम की कंपनी हमारे देश में आयी  थी और उसने हमारे देश को 250 साल तक  बहुत बुरी तरह से लूटा , कितने बुरी तरह से लूटा ये एक छोटे से उदहारण से  बताता हूँ.
"रोबेर्ट क्लाएव  नाम का एक अंग्रेज ऑफिसर ने सिर्फ कलकत्ता से 900 सोने चांदी  के पानी के बड़े बड़े जहाज भर कर लुटे थे और ये बयान उसने 1739 में ब्रिटिश पार्लियामेंट में दर्ज कराया" | 
ये सब क्यों हुआ क्योंकि :-
1. लोग विदेशी सामान खरीदते हैं इस से मुनाफे का पैसा हमारे देश से बाहर चला जाता है और धीरे धीरे हमारा देश गरीब होता जाता है , यहाँ के  छोटे छोटे उद्योग धंधे बंद होते जाते है और लोग बेरोजगार होते जाते है |
2. वो एक इस्ट इंडिया कंपनी थी जिसने हमारे देश तो इतना लूटा आजादी से पहले , आपको जान कर हैरानी होगी  की वैसे ही पांच हजार कंपनी आज हमारे देश में घुस गयी हैं और हमारे देश को धीरे धीरे गुलामी की तरफ ले जा रही हैं | क्योंकि ये एक धीमी प्रक्रिया  है  इस लिए हमको पता नहीं चल पता की हम धीरे धीरे गुलाम और देश गरीब होता जा रहा है| अब तो अमरीका भी स्वदेशी का महत्व समझ चुका हैं और उन्होंने Made in America Act  पास कर के स्वदेशी को अनिवार्य कर दिया है

इस लिए बाजार से  कम से कम जीरो तकनिकी का सामान  तो  केवल स्वदेशी स्वदेशी ही  खरीदे . 
इसको मैं एक ऊदाहरण  से समझाता हूँ . "अगर आपने  "पीपली लाइव" नाम की एक हिंदी  फिल्म  देखी हो तो उसकी  लास्ट की नम्बरिंग में बताया जाता है की 1991 से 2001 के बीच हमारे देश के 80 लाख किसानो ने  खेती करना छोड़ दिया और वो शहरों   में आ गए मजदूरी करने के लिए |"
3. किसान जो देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता था आज उसकी औसत मासिक कमाई 2000 रुपये से भी कम हो गयी है| यानी देश का किसान गरीबी रेखा के नीचे आ गया है . ये हमारे देश की गलत नीतियों और गलत व्यवस्थाओं के कारण ऐसा हो रहा है.   इसके अलावा  भी हमारे देश  में बहुत से गलत व्यवस्थाये है .
4. हमारे देश के सुप्रीम कोर्ट के जज कहते हैं के देश की अदालतों  में 3.5 करोड़ केस पेंडिंग पड़े हैं . और अगर कोई नया केस न लिया जाए और इन्ही केसों को  निपटाया जाए तो इनको निपटने में 350  साल लगेंगे . तो ये है हमारी देश के न्याय  व्यवस्था का हाल .
5. हर साल हमारे देश में 50 लाख टन अनाज बारिश में सड जाता है क्योंकि हमारी सरकारे उसको बारिश से बचा कर नहीं रख पाती |  50 लाख टन अनाज इतना ज्यादा अनाज होता है के इस से पूरे देश के गरीब लोगो को 2 साल तक मुफ्त में खाना खिलाया जा सकता है .लेकिन  सिर्फ हमारे ख़राब मैनेजमेंट के कारण ये ख़राब हो जाता है |  ये है हमारी देश की खाद्य व्यवस्था का हाल |
6. आजादी के समय पर हमारे देश में 10 प्रतिशत लोग गरीब थे| भारत  सरकार अनुसार जिसको दो टाइम का खाना मिल जाए वो गरीब नहीं है. वो अमीर है . ये है भारत सरकार की गरीबी की परिभाषा | तो 1947 के समय ऐसे लोगो की संख्या 10 प्रतिशत  थी जो अब  बढकर 70  प्रतिशत  हो गयी हैं | हमारे देश में 120 करोड़ लोग हैं जिसमें से 84 करोड़ लोग हर रोज केवल 20 रुपये पर गुज़ारा करते है |
7. हमारे देश में अपना  इलाज केवल 35% लोग ही  करवा पाते हैं बाकी के 65 % लोग तो इलाज करवा ही  नहीं पाते क्योंकि जिस देश में 84 करोड़ लोग हर रोज केवल 20 रुपये पर गुज़ारा करते हों वो लोग इलाज कहाँ से करवाएँगे . ये है हमारे  स्वास्थय व्यवस्था का हाल .
8.  "Mackaule" नाम का एक अंग्रेज ऑफिसर भारत आया था उसने 2 फरवरी 1835  को  ब्रिटिश पार्लियामेंट में एक बयाँ दर्ज करवाया के मैं 17 साल तक पूरे भारत में घुमा हूँ और मुझे कोई भी गरीब , अनपढ़ , बेरोजगार , कोई भिखारी नहीं मिला.| सिर्फ 250 साल पहले तक हमारा देश इतनी अच्छी हालत में था . और आज ये हालत हैं के हमारे  देश में हर साल 2 करोड़ बच्चे पैदा होते है और उनमें से हर साल 42% बच्चे पांचवी कक्षा से पहले ही स्कूल छोड़ देते हैं और कॉलेज तक केवल 11% बच्चे ही  पहुँच पाते हैं ये है हमारी शिक्षा व्यवस्था का हाल .
9. जिस देश के आधे बच्चे अनपढ़ रह जाते हो उसका भविष्य कैसा होगा. आपको जान कर हैरानी होगे के आजादी से पहले अंग्रेजो ने जितना हम को लूटा था आजादी के बाद हमारे देश के भ्रष्ट नेताओ और अफसरों ने उससे ज्यादा हमको लूटा है . करीब 300 लाख  करोड़ रूपया नेताओं ने स्विस बैंक में जमा करवा रखा है इसकी ज्यादा जानकारी के लिए संजय दत्त की "Knock Out" नाम की  एक हिंदी फिल्म देखे.
300 लाख  करोड़ रूपया इतना ज्यादा रूपया होता है की अगर ये भारत में वापस आजाए तो भारत देश पर चढ़ा कर्ज हम 13 बार चुका सकते हैं | भारत में 6.5 लाख गाँव है हर गाँव को 100 करोड़ रुपये मिलगा . 100 करोड़ रुपये से एक गाँव में स्कूल , कॉलेज, अस्पताल , उद्योग धंधे, सड़के , सीवरेज सिस्टम, जल प्रबंधन , कचरा प्रबंधन आदि  सभी काम हो सकते हैं. फिर किसी को नोकरी करने के किये अपना  गाँव छोड़कर शहर नहीं आना पड़ेगा .  ये पैसा हमारा पैसा है   . ये इतना ज्यादा पैसा है की भारत में  कभी किसी को टैक्स देने के जरुरत नहीं पड़ेगी .ये इतना ज्यादा पैसा है की  भारत के हर आदमी को 2000 रूपया अगले 60 साल तक हर महीने दिया जा सकता है.
लेकिन ये पैसा वापस आएगा  कैसे .
1. जिन लोगों ने बाहर जमा करवा रखा है वो तो वापस लायेंगे  नहीं . कोई एक आदमी इसको वापस ला नहीं सकता . इस के लिए लोगों में जागरूकता के जरुरत है और जागरूक लोगो में संगठन की  जरुरत है |
2. जिस दिन देश के हर आदमी को इन बातो का पता चल जायगा उस दिन देश में क्रांति आ जायगी और ये पैसा वापस आ जायेगा .
3. आपको जानकार ख़ुशी होगी के इसके लिए   आन्दोलन  की  शुरुआत हो  चुकी है और आन्दोलन का नाम है भारत स्वाभिमान आन्दोलन   व्      IndiaAgainstCorruption 
भारत स्वाभिमान आन्दोलन की शुरुआत  की है स्वामी रामदेव जी ने और www.IndiaAgainstCorruption.org की शरूवात की है  श्री अन्ना हजारे जी ने (जो आज के समय के महात्मा गाँधी  हैं) | 
इस आन्दोलन की ज्यादा जानकारी के लिए आप देखिये टीवी पर आस्था चैनल हर रात को 8 बजे या संस्कार चैनल  हर रात को 9 बजे .
जो लोग इन्टरनेट का प्रयोग जानते हैं वो www.rajivdixit.com  पर  जाएँ  या www.youtube.com  पर  राजीव दीक्षित  को सर्च करके सुने और www.BharatSwabhimanTrust.org  व् http://www.facebook.com/IndiACor  देखे |
अब  आपको क्या करना है :-
1) अपने घर में , दफ्तर में , सफ़र में , रिश्तेदारो में , पड़ोस में इन बातों की चर्चा करे |
2) आन्दोलन के साथ आये या विरोध करे पर चुप ना बैठे क्योंकि देश की इस हालत के वो ही लोग जिम्मेदार है जो पढ़े लिखे हो कर भी  चुपचाप गलत होता देखते रहते है कुछ करते नहीं | वर्ना नेताओ ने तो  गुंडा तत्वों , भ्रष्ट मीडिया , भ्रष्ट  अधिकारियो और भ्रष्ट  उद्योगपतियों के साथ संगठन बना कर बड़ी इमानदारी के साथ हमारे देश को लूटा है .
3) http://www.facebook.com/IndiaCor  पर क्लिक कर के इंडिया अगेंस्ट करप्सन को फेसबुक पर ज्वाइन करे और अपने  मित्रों को भी इसकी जानकारी शेयर करे .    भारत स्वाभिमान आन्दोलन  के सदस्य बने  |
4) टीवी पर आस्था चैनल हर रात को 8 बजे या संस्कार चैनल  हर रात को 9 बजे देखे
5) बाजार से सभी शुन्य तकनीकी का सामान स्वदेशी ही  ख़रीदे जैसे साबुन , तेल , शम्पू, कपडे, आचार , पापड़  आदि और देश को गरीब होने से बचाए
6 ) जैसे बुरे लोग गलत काम करना नहीं छोड़ते वैसे ही  अच्छे लोगों को अच्छे काम करना नहीं छोड़ना चाहिये
आपने मेरी बात को ध्यान से सुना / पढ़ा  , आपका बहुत बहुत धन्यवाद |

इसी भाषण का विडियो यहाँ से प्राप्त करे




स्वदेशी विदेशी सामान की लिस्ट  यहाँ से प्राप्त करे और अन्य जरुरी जानकारियों के लिए
देखे www.SocialServiceFromHome.com




ये लेख 26 जनवरी 2011 को छत्तीसगढ़ के कई समाचार पत्रों  में छपा था
कृपया नीचे देखे